Thursday, December 17, 2009

इस दिल क़ी अज़ब कहानी है Is dil ki ajab kahai hai

इस दिल की अज़ब कहानी है
बेहतर है कि तुम भी मत पूछो
क्या गुज़री हम पर क्या बीती
बेहतर है कि तुम भी मत पूछो

ख़ुद जख्म सिये ख़ुद दर्द पिया
इस दिल की अज़ब कहानी है
उम्मीद है तुम्हें बहारों की
हर तरफ़ जहाँ वीरानी है

ना शिकवा है ना शिकायत है
अफ़सोस कि बस हम दूर रहे
इक पाक मुहब्बत दफ़न हुई
कुछ पता नहीं हम बच क्यों रहे

अच्छा ही हुआ कि जुदा रहे
वफाये कहानी ख़तम हुई
तेरी वफ़ा ने परेशां किया था
बेहतर है परेशानी ख़तम हुई

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